
भारत-पाकिस्तान तनाव: पहलगाम आतंकी हमले के बाद युद्ध की आहट
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 हिंदू पर्यटकों की निर्मम हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़े कदम उठाए हैं, जबकि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है।
भारत का कड़ा रुख
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई निर्णायक कदम उठाए हैं:
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपात बैठकें आयोजित की हैं, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सेना प्रमुखों ने भाग लिया। सूत्रों के अनुसार, भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा है, जिसे “बालाकोट 2.0” के रूप में देखा जा रहा है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। उन्होंने चीन, ब्रिटेन, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र, अजरबैजान और ईरान से समर्थन मांगा है। पाकिस्तान सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर अपनी तैनाती बढ़ा दी है और किसी भी उकसावे का जवाब देने की चेतावनी दी है। Newsindia11.in
भारत में गुस्सा और प्रदर्शन
भारत में पहलगाम हमले के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की और कड़ी कार्रवाई की मांग की
…की है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी आम आदमी पार्टी के विधायक ने पाकिस्तान पर तत्काल सैन्य कार्रवाई की मांग की और कहा कि “अब देर नहीं होनी चाहिए।” newsindia11.in
नायकों की कहानियाँ
इस भयावह हमले के बीच कश्मीर के हलवान इलाके के स्थानीय युवक नजाकत अली ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक दर्जन से अधिक पर्यटकों की जान बचाई। उनके चचेरे भाई आदिल शाह ने आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीदी प्राप्त की। पूरे देश में नजाकत की बहादुरी की सराहना हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और तुर्की की भूमिका
बढ़ते तनाव के बीच रिपोर्ट सामने आई है कि तुर्की ने पाकिस्तान को भारी मात्रा में हथियार भेजे हैं। छह C-130 हर्क्यूलिस विमान हथियारों की खेप लेकर इस्लामाबाद पहुंचे हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ने की आशंका है।
निष्कर्ष
भारत और पाकिस्तान एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। भारत अब “सख्त जवाब” की तैयारी में है, जबकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। दोनों देशों के बीच यह टकराव केवल दो सीमाओं का मामला नहीं रह गया, बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। newsindia11.in